बिना नक्शे निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में व्यावसायिक उपयोग के टिन शेड समेत तीन अवैध निर्माण सील

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में तीन अलग-अलग मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की है। बिना स्वीकृत मानचित्र और प्राधिकरण की अनुमति के किए जा रहे निर्माण को लेकर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। कार्रवाई के दौरान गुमानीवाला, गंगा किनारे गली नंबर-1 और वीरपुर खुर्द क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण को सील किया गया।

एमडीडीए के अनुसार गुमानीवाला, ऋषिकेश में चीमा राम द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड का निर्माण किया जा रहा था। स्थल पर अनाधिकृत निर्माण किए जाने के कारण संबंधित के विरुद्ध उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया गया था। प्राधिकरण की ओर से मामले में कार्रवाई करते हुए निर्माण को सील कर दिया गया।

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इसी क्रम में ऋषिकेश के गंगा किनारे गली नंबर-1 में राम यादव द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया। प्राधिकरण की अनुमति के बिना किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।

तीसरी कार्रवाई वीरपुर खुर्द, गली नंबर-4, सीमा जेन्टल कॉलेज के निकट की गई। यहां संदीप गोस्वामी आदि द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना निर्माण कार्य किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया।

एमडीडीए की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण और बिना अनुमति किए जा रहे व्यावसायिक एवं अन्य निर्माण कार्यों के खिलाफ प्राधिकरण की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि भवन निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी कर किए जाने वाले निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा आवश्यक अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास के लिए भवन निर्माण के निर्धारित नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अवैध निर्माण से न केवल शहर की नियोजन व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में यातायात, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माण के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा प्राधिकरण की अनुमति के निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

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