उत्तराखंड विधानसभा में पहाड़ मैदान विवाद के बीच प्रेमचंद अग्रवाल के उत्तराखंड आंदोलन की कई फोटो वायरल हो रही हैं, दरअसल कांग्रेस और अन्य लोग प्रेमचंद अग्रवाल से सवाल पूछ रही थी कि वो एक भी फोटो दिखा दीजिए कि जब वो उत्तराखंड आंदोलन में शामिल रहे, और अब प्रेमचंद अग्रवाल की कई फोटोज और उस दौरान आंदोलन की कई न्यजपेपर की कटिंग वायरल हो रही हैं, जिसमें साफ दिखाई दे सकता है कि प्रेमचंद अग्रवाल तब काफी युवा थे और वो उत्तराखंड आंदोलन में खूब गर्मजोशी से शामिल हुए हैं, इसमें एक अखबार सामने आया है जिसमें देहरादून में 30 जुलाई साल 1994 में देहरादून में लाठीचार्ज हुआ था जिसमें 50 लोग घायल हुए थे और उसमें प्रेमचंद अग्रवाल भी शामिल थे, तब वो भाजपा के जिला महामंत्री हुआ करते थे…
वहीं साल 1995 में प्रेमचंद अग्रवाल के नेतृत्व में ही सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता गाड़ियां भरकर उत्तराखंड राज्य की मांग के लिए देहरादून से दिल्ली के लिए रात में निकले थे, जिसकी अखबार की कटिंग खूब वायरल हो रही है, वही मुफज्जफरनगर कांड से लापता राजेश को खोज निकालने के लिए देहरादून में हुए बड़े विरोध प्रदर्शन में भी प्रेमचंद अग्रवाल दिखाई दे रहे हैं, मसूरी जाते हुए जब लोगों की गिरफ्तारी हुई तब भी प्रेमचंद अग्रवाल वहां गर्मजोशी के साथ खड़े नजर आए…वही साल1994 में जब भानियावाला में उत्तराखंड आंदोलन के लिए जाम लगाया जा रहा था, उस वक्त प्रेमचंद अग्रवाल की फोटो सामने आई ,
उस वक्त वो काफी युवा दिखाई दे रहे हैं और आंदोलन में हिस्सा लेते दिख रहे हैं, कह सकते हैं कि जो सवाल विपक्ष लगातार प्रेमचंद अग्रवाल से कर रहा था कि वो उत्तराखंड आंदोलन की एक भी फोटो दिखा दीजिए अब ये फोटो सामने आ चुकी हैं, अब देखना होगा कि विपक्ष का इसपर क्या स्टैंड रहता है, क्योंकि इन फोटोज और अखबारों की कटिंग साबित कर दिया है कि प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आंदोलन के समय अपनी बड़ी भूमिका निभाई थी,
उधर बीते दिन पहाड़ मैदान विवाद में भी प्रेमचंद अग्रवाल ने साफ कह दिया है कि ये उत्तराखंड सबका है और वो जिएंगे तो इस उत्तराखंड के लिए और मरेंगे भी इस उत्तराखंड के लिए….इसके बाद खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सदन में कहा कि पूरा उत्तराखंड एक है और कुछ लोग सोशल मीडिया में हमारी सरकार के बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जो गलत है…उत्तराखंड सबका है, और इसके लिए हम कुछ भी करने के लिए तैयार हैं…