अंकिता हत्याकांड मामले में सीबीआई ने दर्ज की FIR, सीएम धामी की संस्तुति पर सीबीआई को ट्रांसफर किया गया है मामला

  • अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दर्ज की FIR
  • अंकिता के माता-पिता की मांग पर सीबीआई से की गई थी जांच की सिफारिश
  • जांच शुरू होने से विपक्ष को मिला करारा जवाब

देहरादून: अंकिता हत्याकांड मामले में Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दिल्ली स्थित सीबीआई की क्राइम ब्रांच शाखा संख्या दो में एफआईआर दर्ज होने के बाद, जांच के लिए विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है और मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी गई है।

यह मामला सितंबर 2022 का है, जब पौड़ी जिले की निवासी और वनांतरा रिसोर्ट में कार्यरत अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस प्रकरण में 30 मई 2024 को जिला न्यायालय ने रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि अंकिता पर एक वीआईपी को “विशेष सेवा” देने का दबाव बनाया गया था, हालांकि एसआईटी जांच में उस वीआईपी की पहचान उजागर नहीं हो सकी थी।

ये भी पढ़ें:  26 साल बाद भी नहीं बनी नीति, बेरोजगार लैब टेक्नोलॉजिस्टों का फूटा गुस्सा; “सरकार जवाब दे – आखिर कब मिलेगा रोजगार?” 19 मई को सचिवालय कूच और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब बीते दिनों पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो के बाद विवाद गहराया और प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए। इसी बीच अंकिता के माता-पिता ने माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच की अपील की। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सीएम धामी जी ने 9 जनवरी को औपचारिक रूप से सीबीआई जांच की सिफारिश की, जिसके तहत अब एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखण्ड के प्रत्येक विकासखण्ड में विकसित होंगे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव

सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद विपक्ष की ओर से यह कहकर हो-हल्ला भी मचाया गया था कि यह आदेश केवल आंदोलन को शांत करने के लिए दिए गए हैं। लेकिन अब एफआईआर दर्ज होने और जांच औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है, बल्कि विपक्ष के आरोपों को भी करारा जवाब मिला है।

ये भी पढ़ें:  ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील

अब पूरे प्रदेश की निगाहें सीबीआई की जांच पर टिकी हैं-क्या अज्ञात वीआईपी की पहचान सामने आएगी और क्या अंकिता को न्याय की पूरी तस्वीर मिलेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *