स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दून लाइब्रेरी में लगी ‘विभाजन की विभीषिका’ पर विशेष फोटो प्रदर्शनी

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून के दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र में भारत विभाजन की विभीषिका पर विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान घटित ऐतिहासिक घटनाओं, संघर्ष, विस्थापन तथा उससे जुड़ी मानवीय स्मृतियों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1947 के विभाजन से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। निदेशक संस्कृति विभाग प्रदीप जोशी ने प्रभावित परिवारों के सदस्यों को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रभावित परिवारों की ओर से रामस्वरूप अरोड़ा, मंजीत सिंह बिंद्रा एवं डी.एन. दत्ता तथा जिला महानगर अध्यक्ष, उत्तरांचल पंजाबी महासभा बलदेव परासर को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।

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फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन के दौर की घटनाओं, विस्थापन, संघर्ष और उन परिस्थितियों से जुड़ी मानवीय संवेदनाओं को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य विभाजन के दौरान अपने घर, परिवार और आजीविका खोने वाले लोगों के संघर्ष एवं पीड़ा को स्मरण करना तथा आने वाली पीढ़ियों को उस ऐतिहासिक त्रासदी से परिचित कराना है। साथ ही, स्वतंत्रता के मूल्य, राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना भी प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य है।

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इस अवसर पर निदेशक संस्कृति विभाग प्रदीप जोशी, प्रशासनिक अधिकारी दून लाइब्रेरी डी.के. पाण्डेय, कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी, सलाहकार डॉ. ललता प्रसाद सहित संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि ‘विभाजन की विभीषिका’ पर आयोजित यह विशेष फोटो प्रदर्शनी 14 से 16 अगस्त 2026 तक आमजन के लिए खुली रहेगी। आमजन प्रदर्शनी का अवलोकन कर भारत विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं एवं स्मृतियों से परिचित हो सकते हैं।

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